Posts

आनंद

जीवन मे आनंद उस कस्तुरी की तरह होता है जो  उसके पास होता तो है लेकिन वो उसे कहीं और ढूंढता है और उसे जीवन पर्यंत ढूंढता रह जाता है वास्तविक आनंद आपके अंदर होता है ..

शहर की गलिया

Image
सूनी हो गई शहर की गलिया गाव भी अब खाली खाली रस्ता खुद रस्ते से पूछे  कोई मिलेगा भाई दिन भी सो गया है क्या करे उसको रात का इंतजार जो है जो किया नही दिन मे वो कर लेंगे रात मे अभी रहना नही है साथ मे सूना हो गया वो गोल चबुतरा सूनी हो गई चौपाले

फूल

Image
मुस्कराना मुश्किल था अपने ही मोहल्ले में आज खिलखिला के हंस रहा हू अपने ही महकमे में  लोग तोंड लेते थे खिलने से पहले ही मुझे आज माली भी नही आया मेरे बागाने में

कोरोना से डरो न

कोरोना से डरो न दूरी बना के रखो न घबराना नहीं डरना नही ये बवंडर है कुछ पल का जिसे बस कुछ देर सहना बहुत मागते थे छुट्टी अब घर पर रहो न चल रहा है इंटरनेट मिल रहा है खाना फिर क्या डरना कितने आये कितने चले गये इनको भी जल्दी जाना कोरोना से क्यू घबराना अकेले जाना अकेले आना दूरी बनाके जरूर रखना छुट्टी मिलती नही थी मागणे से आज मिल गई  है बिन मांगे इस से भला क्या होना कोरोना से क्यू घबराना जहा हो वही रहना सलामत रहना जिंदगी है कुछ पल का आज का आनंद लेना हमको सुधर जाना है आगे के लिए एक दुसरे का सहयोग करना कोरोना से क्यू डरना