फूल




मुस्कराना मुश्किल था अपने ही मोहल्ले में
आज खिलखिला के हंस रहा हू अपने ही महकमे में
 लोग तोंड लेते थे खिलने से पहले ही मुझे
आज माली भी नही आया मेरे बागाने में


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